15/09/2026 चाईबासा
ताग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया से बचाव पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को मलेरिया के कारण, लक्षण और संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नियमित रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करने, घर एवं आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा बुखार होने पर तत्काल मलेरिया की जांच कराने की सलाह दी गई।योग और स्वस्थ जीवनशैली का संदेशशिविरों के दौरान योग सत्र भी आयोजित किए गए। ग्रामीणों को नियमित योग एवं ध्यान, पौष्टिक एवं संतुलित आहार, पर्याप्त स्वच्छ पानी का सेवन तथा आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर ग्राम सहिया से संपर्क करने तथा आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराने की सलाह दी गई।इन स्वास्थ्य शिविरों में डॉ. दीपक कुमार लायक, डॉ. सूर्य भूषण देवगम, डॉ. श्रवण कुमार यादव, डॉ. राधिका कुमारी, डॉ. प्रदीप गुड़िया, डॉ. अनीश कुमार, डॉ. सुशील कुमार एवं डॉ. धर्म राज सिंह ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार के आयुष स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन से ग्रामीणों को उनके गांव एवं आसपास ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, आयुष औषधि, चिकित्सकीय परामर्श, स्वास्थ्य जागरूकता और योग जैसी सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराने से ग्रामीण समुदाय में निवारक स्वास्थ्य देखभाल एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।







