पश्चिमी सिंहभूम , नोवामुण्डी 27/10/2026
नोवामुंडी (पश्चिमी सिंहभूम): स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-II के तहत मंगलवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली-2026 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। जगन्नाथपुर के अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, ठोस कचरे के नियमित संग्रहण और गुणवत्तापूर्ण मॉडल गांवों के निर्माण पर चर्चा की गई।कार्यशाला में प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित पंचायती राज विभाग, स्वच्छ भारत मिशन, VB-G RAM G, JSLPS और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखंड स्तरीय कर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर और चयनित जल सहिया दीदियां भी शामिल हुईं।
नियमावली के प्रावधानों की दी गई जानकारी
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में UNICEF सपोर्ट टीम-IDF के रिसोर्स पर्सन घनश्याम साह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली-2026 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।इस दौरान 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत टाइड फंड, पंचायती राज, VB-G RAM G और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के बीच समन्वय स्थापित करने पर चर्चा हुई। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के विभिन्न घटकों और मुखिया व जल सहिया दीदियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के उदाहरणों के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। चाईबासा प्रमंडल के जिला समन्वयक-SLWM ने नमस्ते योजना के बारे में भी बताया।
गांवों में कचरा संग्रहण की व्यवस्था होगी मजबूत
कार्यशाला के बाद जिला समन्वयक-SLWM, मुखिया, जल सहिया दीदियों, पंचायत सचिव, BPO और प्रखंड WASH समन्वयक के साथ अलग से बैठक हुई। इसमें गुणवत्तापूर्ण मॉडल गांव बनाने, ठोस कचरा प्रबंधन नियमावली-2026 का प्रचार-प्रसार करने और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।बैठक में निर्णय लिया गया कि गांवों के हाट-बाजारों और प्रत्येक घर से निकलने वाले ठोस कचरे के नियमित संग्रहण, साफ-सफाई तथा व्यवस्था के संचालन एवं रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए मुखिया की अध्यक्षता में ग्रामसभा आयोजित की जाएगी।
ग्रामसभा में तय होगा स्वच्छता शुल्क
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को नियमित और टिकाऊ बनाने के लिए ग्रामसभा में सर्वसम्मति से स्वच्छता शुल्क निर्धारित करने पर सहमति बनाई जाएगी। इसके माध्यम से कचरा संग्रहण और साफ-सफाई की व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना, ठोस कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना और गांवों को स्वच्छ एवं बेहतर बनाना है।






