पश्चिमी सिंहभूम , चाईबासा 24/10/2026
जापान के नागोया में शानदार प्रदर्शन कर बढ़ाया झारखंड का मान, खेल जगत में खुशी की लहर
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के तीरंदाज विजय सुंडी ने 5वें एशियन पारा गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। जापान के नागोया में आयोजित इस प्रतियोगिता में चाईबासा के तुरतुंग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में अभ्यास करने वाले विजय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता से चाईबासा सहित पूरे झारखंड के खेल जगत में खुशी का माहौल है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विजय सुंडी ने फाइनल मुकाबले में चीन के तीरंदाजों को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की टीम को पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन उनकी मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास को दर्शाता है।विजय की इस उपलब्धि को झारखंड के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। उनकी सफलता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
वर्ष 2016 से चाईबासा में कर रहे हैं प्रशिक्षण
विजय सुंडी वर्ष 2016 से चाईबासा के सिकुरसाई स्थित तुरतुंग तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। वह अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षक महर्षि महेंद्र सिंकु के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं।लगातार अभ्यास, कठिन परिश्रम और खेल के प्रति समर्पण के बल पर विजय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। इससे पहले भी वह विश्व कप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा वह पांच बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं।एशियन पारा गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनकी खेल यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनकी सफलता के पीछे वर्षों का प्रशिक्षण, निरंतर मेहनत और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का प्रयास रहा है।
सरायकेला-खरसावां के बड़डीह गांव के निवासी हैं विजय
विजय सुंडी मूल रूप से सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़डीह गांव, पोस्ट ईचा के निवासी हैं। वह अपने खेल को निखारने के लिए चाईबासा में रहकर तीरंदाजी का प्रशिक्षण लेते हैं।उनकी उपलब्धि से न केवल उनके गृह क्षेत्र, बल्कि पश्चिमी सिंहभूम और पूरे झारखंड के खेल प्रेमियों में उत्साह है। विजय की सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के उन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
खेल जगत और समाजसेवियों ने दी बधाई
विजय सुंडी के स्वर्ण पदक जीतने पर उद्योगपति सह समाजसेवी मुकुंद रूंगटा, जिला खेल पदाधिकारी मार्कस हेम्ब्रम, जिला तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष सिद्धार्थ पाड़ेया, कोषाध्यक्ष सुमित बलमुचू, संयुक्त सचिव सुभाष जोंको, बीर सिंह पुरती, नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, समाजसेवी सीता पाड़ेया, नरेंद्र कुमार पाड़ेया, अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रशिक्षक माझी सावैयां, राजेंद्र गुईया, गंगाधर नाग, ओलंपियन सह अर्जुन अवार्डी मंगल सिंह चांपिया, हरीश चन्द्र केराई और गुना राम पुरती ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।सभी ने विजय की इस उपलब्धि को झारखंड के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना उनकी मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है।
युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणास्रोत
विजय सुंडी की सफलता से चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों में तीरंदाजी का अभ्यास करने वाले युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और लगातार प्रयास से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।झारखंड के खेल जगत को उम्मीद है कि विजय सुंडी भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और राज्य का गौरव बढ़ाते रहेंगे।






