बंदगांव के कोलजोमरो गांव की घटना, दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पश्चिमी सिंहभूम , बन्दगांव 24/10/2026
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में डायन-बिसाही के अंधविश्वास ने एक और महिला की जान ले ली। बंदगांव प्रखंड के कराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोलजोमरो गांव में 46 वर्षीय महिला रेंदाई सुंबरूई की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।मृतका की पहचान कोलजोमरो गांव निवासी साधु चरण सुंबरूई की पत्नी रेंदाई सुंबरूई के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
आधी रात घर में घुसकर किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात रेंदाई सुंबरूई अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान रात करीब 12 बजे चार आरोपी कथित तौर पर जबरन उनके घर में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने महिला पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।शनिवार की सुबह परिजनों ने महिला का खून से लथपथ शव देखा। इसके बाद कराईकेला थाना पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी प्यारे हसन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की। पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, मामले में शामिल बताए जा रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।पुलिस जांच में हत्या के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पत्नी की बीमारी को लेकर था संदेह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक की पत्नी पिछले कुछ दिनों से बीमार थी। बताया जा रहा है कि आरोपी को संदेह था कि मृतका ने उसकी पत्नी पर कथित रूप से कुछ किया है। इसी संदेह और डायन-बिसाही से जुड़े अंधविश्वास को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है।हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों और घटना में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। किसी महिला पर डायन-बिसाही का आरोप लगाना अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं है। ऐसे अंधविश्वास के आधार पर हिंसा करना गंभीर अपराध है।
अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता जरूरी
डायन-बिसाही के आरोप में महिलाओं के साथ हिंसा और हत्या की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। इस तरह की घटनाएं न केवल किसी परिवार को उजाड़ देती हैं, बल्कि ग्रामीण समाज में भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती हैं।विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है। बीमारी का इलाज चिकित्सकीय परामर्श से कराया जाना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति पर निराधार आरोप लगाकर उसके साथ हिंसा की जानी चाहिए।कोलजोमरो गांव की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।







