लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह युवाओं और ड्राइवरों से नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपनी गाड़ी चलाकर कमाई करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लेकिन इस पूरे मामले की पड़ताल करने पर सामने आता है कि वीडियो वास्तविक है, हालांकि वायरल क्लिप को जिस तरह से पेश किया जा रहा है, उसका पूरा संदर्भ समझना जरूरी है।
23 सितंबर को लखनऊ में हुआ था कार्यक्रम
दरअसल, 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा के उत्तर प्रदेश में लॉन्च का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में इस सेवा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और बड़ी संख्या में भारत टैक्सी से जुड़े चालक मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी 23 सितंबर को लखनऊ में भारत टैक्सी के शुभारंभ की जानकारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाहनों को हरी झंडी दिखाने की तस्वीरें प्रकाशित की गई हैं।
केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने भी 23 सितंबर को जारी अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में भारत टैक्सी की उत्तर प्रदेश में शुरुआत की पुष्टि की है। इसके तहत लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवा शुरू की गई।
क्या बोले ब्रजेश पाठक?
वायरल वीडियो में ब्रजेश पाठक लोगों को अपनी गाड़ी चलाकर कमाई करने के विकल्प के बारे में बताते हुए कहते सुनाई देते हैं कि केवल नौकरी के पीछे भागने के बजाय कुछ घंटे अपनी गाड़ी चलाकर कमाई की जा सकती है।
उनके बयान का एक हिस्सा है—
“नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना चार घंटा चलाओ… दोपहर में लड़के-बच्चों के साथ रहो।”
उन्होंने यह भी समझाने की कोशिश की कि अपना काम करने में व्यक्ति अपने समय को अपनी सुविधा के अनुसार तय कर सकता है। उनके अनुसार, दिन में कुछ घंटे वाहन चलाकर कमाई करने के बाद परिवार के साथ समय बिताया जा सकता है और फिर दोबारा काम पर निकला जा सकता है।
NDTV की पड़ताल के अनुसार, वायरल वीडियो वास्तविक है और यह बयान 23 सितंबर को लखनऊ में भारत टैक्सी के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इसे इस तरह पेश करना कि उपमुख्यमंत्री हर युवा को नौकरी छोड़कर ई-रिक्शा चलाने की सलाह दे रहे थे, बयान के व्यापक संदर्भ को अधूरा कर देता है।
भारत टैक्सी के लॉन्च कार्यक्रम से जुड़ा था बयान
भारत टैक्सी सामान्य निजी कैब सेवा से अलग सहकारी मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म है। PIB के अनुसार इसका मूल सिद्धांत “Driver is the Owner” है, यानी इसमें ड्राइवरों को केवल सेवा देने वाले के तौर पर नहीं बल्कि सहकारी व्यवस्था में हिस्सेदार बनाने पर जोर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में लॉन्च के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक भी भारत टैक्सी से जुड़ सकते हैं। कार्यक्रम में ड्राइवरों के लिए जीरो-कमीशन मॉडल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी बहस?
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने इसे युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने वाला बयान बताया, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब बड़ी संख्या में युवा सरकारी और निजी नौकरियों की तलाश कर रहे हैं, तब उन्हें नौकरी के बजाय रिक्शा या टैक्सी चलाने की सलाह देना उचित है या नहीं।
समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर ब्रजेश पाठक पर तंज कसा। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। इन राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को संबंधित नेताओं के बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।
फैक्ट चेक: वीडियो असली, लेकिन संदर्भ समझना जरूरी
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल वीडियो नकली या AI-generated वीडियो होने की पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों के अनुसार वीडियो वास्तविक कार्यक्रम का है और ब्रजेश पाठक ने वास्तव में नौकरी और अपनी गाड़ी चलाकर कमाई के बीच तुलना करते हुए यह बात कही थी।
हालांकि, “हर युवा नौकरी छोड़ दे और ई-रिक्शा चलाए” कहना उनके पूरे संबोधन का सटीक वर्णन नहीं होगा। उनका संबोधन भारत टैक्सी के लॉन्च और ड्राइवर-केंद्रित स्वरोजगार मॉडल के संदर्भ में था।
भारत टैक्सी के आधिकारिक लॉन्च की पुष्टि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के PIB दोनों ने की है।
निष्कर्ष
ब्रजेश पाठक का ई-रिक्शा/टैक्सी चलाने और नौकरी के पीछे न भागने वाला बयान वास्तविक है और 23 सितंबर 2026 को लखनऊ में भारत टैक्सी के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान दिया गया था। वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताना सही नहीं होगा।
वहीं, वायरल क्लिप को इस अर्थ में पेश करना कि उपमुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को नौकरी छोड़कर ई-रिक्शा चलाने का सीधा निर्देश दिया, बयान के व्यापक संदर्भ को नजरअंदाज करता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनका जोर भारत टैक्सी के जरिए ड्राइवरों के स्वरोजगार, अपनी गाड़ी से कमाई और अपने समय पर काम करने के विचार पर था।







