बरेली 17/08/2026 | उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आज सावन के पवित्र महीने में आस्था का एक अद्भुत और भव्य नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, जिला प्रशासन ने भगवान शिव के भक्तों, कांवड़ियों का स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करके किया। यह पुष्प वर्षा सातों प्रसिद्ध नाथ मंदिरों से लेकर कछला घाट तक, कांवड़ यात्रा के पूरे मार्ग पर की गई, जिसने कांवड़ियों और स्थानीय निवासियों दोनों को अभिभूत कर दिया।
20 क्विंटल फूलों से महका आकाश:
प्रशासन द्वारा विशेष रूप से किराए पर लिए गए हेलीकॉप्टर ने आज सुबह बरेली के आकाश में उड़ान भरी। जैसे ही हेलीकॉप्टर कांवड़ियों के ऊपर से गुजरा, उस पर से गुलाब और गेंदे के फूलों की पंखुड़ियों की बारिश शुरू हो गई। इस दौरान लगभग 20 क्विंटल फूलों का उपयोग किया गया, जिससे पूरा मार्ग फूलों की खुशबू से महक उठा। फूलों की इस बारिश ने कांवड़ियों की थकान को पल भर में दूर कर दिया और उनकी आंखों में खुशी और आभार के आंसू ला दिए।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत बरेली में जिला प्रशासन (डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य) द्वारा हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों और शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा की गई。
सातों नाथ मंदिरों का आशीर्वाद:
हेलीकॉप्टर ने बरेली के सभी सातों प्रमुख नाथ मंदिरों – अलखनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ, धोपेश्वरनाथ, पशुपतिनाथ, बनखंडीनाथ और त्रिवटीनाथ – के ऊपर से उड़ान भरी और वहां मौजूद भक्तों पर पुष्प वर्षा की। इसके बाद, इसने कांवड़ियों के काफिले के साथ कछला घाट तक का सफर तय किया, जहां से कांवड़िये पवित्र गंगा जल भरते हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश का पालन:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही आदेश जारी किए थे कि कांवड़ यात्रा के दौरान भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनका स्वागत भव्यता के साथ किया जाए। उन्होंने प्रशासन को कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने का भी निर्देश दिया था। बरेली प्रशासन ने इस आदेश का अक्षरशः पालन किया और इस भव्य पुष्प वर्षा का आयोजन किया।
अधिकारियों द्वारा कांवड़ मार्ग का सर्वे:
पुष्प वर्षा के अलावा, प्रशासन कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रख रहा है। आला अधिकारियों ने कांवड़ मार्ग का विस्तृत सर्वे किया और सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और विश्राम स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि मार्ग में कोई बाधा न हो और कांवड़िये सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।







