नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने हालिया मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बनी मौसमी प्रणालियों और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले 48 घंटों में पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग का बुलेटिन और प्रभावित क्षेत्र: IMD की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:
- पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड व हिमाचल): उत्तराखंड के कई हिस्सों में ‘भारी से बहुत भारी बारिश’ दर्ज की गई है और अगले दो दिनों तक हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश व भूस्खलन (Landslides) का जोखिम बना रहेगा।
- उत्तर प्रदेश और मैदानी इलाके: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में 12 से 20 सेमी तक की भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है।
- मध्य और पूर्वोत्तर भारत: राजस्थान, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
प्रशासनिक निर्देश और सुरक्षा एडवाइजरी (Action Suggested): मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी के साथ-साथ आम नागरिकों और स्थानीय प्रशासन के लिए विशेष दिशानिर्देश (Advisory) जारी किए हैं:
- यात्रा पर नियंत्रण: पहाड़ी और जलभराव वाले क्षेत्रों में पर्यटन तथा अनावश्यक यात्रा पर अस्थायी रूप से नियंत्रण रखने की सलाह दी गई है।
- आकाशीय बिजली से बचाव: तेज गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पानी की टंकियों और पेड़ों के नीचे शरण न लें। बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- यातायात और जलभराव: मैदानी इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति और सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है।
- नदी-नालों से दूरी: निचले इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की यह ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति के आसपास सक्रिय बनी हुई है, जिससे अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।







