पश्चिमी सिंहभूम, चक्रधरपुर 18/10/2026
चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत गुलकेड़ा पंचायत के लुपुंगबेड़ा गांव में प्रस्तावित 765 केवी ट्रांसमिशन लाइन के सर्वे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। रविवार को ग्रामीण मुंडा बागुन जामुदा की अध्यक्षता में आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने सर्वे की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की। बैठक में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।यह ट्रांसमिशन लाइन छत्तीसगढ़ के रायगढ़ (तामनगर) से जमशेदपुर (नया) तक WR-ER, TBCB परियोजना के तहत प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से संबंधित अधिकारियों और अंचल के अमीन द्वारा गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में बिना समुचित जानकारी दिए सर्वे किया जा रहा है।
बिना जानकारी सर्वे करने का आरोप
ग्रामसभा में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गुपचुप तरीके से सर्वे का काम चल रहा है। कुछ रैयतों से ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए हैं, जिनके बारे में उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इसके अलावा, मिट्टी की जांच के लिए कई स्थानों पर जेसीबी से गड्ढे खोदे गए हैं, जिन्हें खुला छोड़ दिया गया है।ग्रामीणों को आशंका है कि ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण से उनकी कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों की आजीविका पर संकट उत्पन्न होने की संभावना है।
पेसा कानून के उल्लंघन का लगाया आरोप
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा ने सर्वे की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ग्रामसभा और ग्राम मुंडा को परियोजना के संबंध में समुचित आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की भूमिका और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।बैठक के दौरान जब परियोजना से जुड़े अधिकारी और अंचल के अमीन पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनसे परियोजना तथा सर्वे के संबंध में जानकारी मांगी। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
अंचलाधिकारी से मांगा जवाब, DC से हस्तक्षेप की अपील
प्रीतम बांकिरा ने अंचलाधिकारी से मांग की कि चक्रधरपुर प्रखंड के किन-किन गांवों से होकर यह ट्रांसमिशन लाइन गुजरेगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही, परियोजना से प्रभावित होने वाले किसानों और उनकी जमीन का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने मांग की कि ग्रामीण मुंडा और ग्रामसभा को आधिकारिक जानकारी दिए बिना गांव में सर्वे एवं अन्य गतिविधियों को आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की अपील की।
जल्द सौंपा जाएगा ज्ञापन
ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में सर्वे की मौजूदा प्रक्रिया पर विरोध जताया। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि इस मामले को लेकर जल्द ही अंचलाधिकारी और पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से संबंधित सभी जानकारियां पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि किसानों की जमीन, आजीविका और ग्रामसभा के अधिकारों को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता न रहे।
ग्रामसभा में ये लोग रहे उपस्थित
ग्रामसभा में डांसर बोदरा, चंबरा बारला, दीपक बारला, बलबीर बारला, छोटा बाबू गागराई, गोमा बोदरा, रामय बानरा, सुखलाल तांती, मनीराम तांती, एंथोनी बोदरा, राउतू बारला, गणेश तांती, बिसंगी जामुदा, नागुरी गागराई और फूलकुमारी बोदरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।








