देहरादून | 1 सितंबर 2026
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मंगलवार को कांग्रेस के सचिवालय कूच के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद रावत को सांस फूलने और घबराहट की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें तत्काल राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया।
बैरिकेडिंग के पास बिगड़ी तबीयत
कांग्रेस कार्यकर्ता हल्द्वानी के रामलीला मैदान में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में देहरादून स्थित कांग्रेस भवन से सचिवालय की ओर मार्च कर रहे थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकले इस मार्च को पुलिस ने सुभाष रोड के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे और देखते ही देखते बैरिकेडिंग के आसपास पुलिस तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान हरक सिंह रावत की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों ने रावत को संभाला। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
दून अस्पताल की इमरजेंसी में हुई जांच
हरक सिंह रावत को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया और ईसीजी समेत आवश्यक जांचें की गईं।
‘हिन्दुस्तान’ की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ चिकित्सकों ने जांच के बाद उनकी स्थिति सामान्य और स्थिर बताई। वहीं ‘अमर उजाला’ ने भी अस्पताल प्रशासन के हवाले से बताया कि जांच के बाद रावत की हालत स्थिर थी और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे थे।
तबीयत बिगड़ने की खबर जैसे ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं तक पहुंची, वहां कुछ देर के लिए चिंता का माहौल बन गया। अस्पताल ले जाने के बाद चिकित्सकीय जांच में स्थिति स्थिर पाए जाने की जानकारी मिलने पर समर्थकों ने राहत की सांस ली।
प्रदर्शन के बीच कई वरिष्ठ नेता मौजूद
मंगलवार का यह प्रदर्शन हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर चल रहे विवाद के विरोध में आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान गणेश गोदियाल और अन्य नेताओं के बैरिकेडिंग पर चढ़ने की खबर सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
‘शुद्धिकरण’ विवाद बना प्रदर्शन की वजह
कांग्रेस का यह प्रदर्शन हल्द्वानी में 8 अगस्त को हुई मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के विरोध में था। कांग्रेस इस घटना को सामाजिक समानता और दलित सम्मान से जोड़कर देख रही है और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
इसी विवाद से जुड़े बयानों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने का मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुख रहा। कांग्रेस ने राहुल गांधी पर दर्ज FIR को वापस लेने की मांग दोहराई और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
फिलहाल हरक सिंह रावत की हालत स्थिर
प्रदर्शन के बीच अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंचाए गए डॉ. हरक सिंह रावत की जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर और सामान्य बताई है। फिलहाल उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार उनकी हालत को लेकर कोई गंभीर खतरे की बात सामने नहीं आई है।
देहरादून में हुए इस प्रदर्शन ने जहां हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ला दिया, वहीं प्रदर्शन के दौरान हरक सिंह रावत की तबीयत बिगड़ने की घटना ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।








