चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम 29/09/2026
चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के सप्तम् दीक्षान्त समारोह में राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षान्त समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षा को जिम्मेदारी और समाजोपयोगी कार्यों से जोड़ने का संकल्प लेने का अवसर भी है।
राज्यपाल ने बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि एक बेटी की शिक्षा केवल उसके जीवन को नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को भी नई दिशा देती है। उन्होंने ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा तक बेहतर पहुंच, छात्रावास, छात्रवृत्ति, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और कौशल विकास के अवसरों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय शिक्षा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोल्हान की जनजातीय भाषाएं, परंपराएं, सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति के साथ समाज का गहरा संबंध इसकी विशिष्ट पहचान हैं। आधुनिक शिक्षा के साथ स्थानीय ज्ञान और परंपराओं का समन्वय विश्वविद्यालय की शिक्षा को और अधिक प्रासंगिक बना सकता है।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में समय पर कक्षाएं, परीक्षाएं और परिणाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का बहुमूल्य समय बाधित नहीं होना चाहिए। उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार की संस्कृति को मजबूत करते हुए शोध को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रत्येक व्यवस्था के केंद्र में विद्यार्थी होना चाहिए। अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जहां विद्यार्थी अपनी समस्याएं सहजता से रख सकें और उनका समय पर समाधान हो।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, जैव-प्रौद्योगिकी और नई ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए तैयार होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान की सोच शिक्षा को समाज से जोड़ती है।उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता केवल अच्छी नौकरी या पद प्राप्त करने में नहीं, बल्कि शिक्षा को जीवन और समाज के लिए उपयोगी बनाने में है।








