पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा 10/10/2026
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय स्थित सभागार में आत्मा शासकीय निकाय एवं जिला खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, उन्नत तकनीकों के प्रशिक्षण और फसल उत्पादन बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में उपायुक्त ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिए अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण के तहत ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर, राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, कटक तथा भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, भोपाल भेजने का निर्देश दिया। वहीं, राज्यस्तरीय प्रशिक्षण के लिए रामकृष्ण मिशन कृषि विज्ञान केंद्र, रांची, बागवानी एवं कृषि अनुसंधान परिसर, पलांडू, लाह अनुसंधान केंद्र, नामकुम तथा टीआरसीएससी, चांडिल भेजने की बात कही गई।
महिला किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
उपायुक्त ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिला किसानों को प्राथमिकता देने तथा कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक के उपयोग से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित करने पर जोर दिया। इसके अलावा सभी प्रखंडों में मत्स्य पालन और फल उत्पादन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध हो सकें।
स्ट्रॉबेरी और ब्रोकली की खेती को बढ़ावा
खेत पाठशाला के माध्यम से स्ट्रॉबेरी और ब्रोकली जैसी नगदी एवं उच्च आय वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया। साथ ही सफल कृषि प्रयोगों और किसानों की उपलब्धियों से जुड़ी सफलता की कहानियों का संकलन करने को कहा गया, ताकि अन्य किसान भी लाभकारी खेती के लिए प्रेरित हो सकें।
सरसों, तीसी और दलहन उत्पादन पर जोर
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत सरसों और तीसी के बीज वितरण के लिए उपयुक्त क्लस्टरों का चयन करने तथा किसानों के खेतों में फसल प्रत्यक्षण कराने का निर्देश दिया गया। इन फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण और गोष्ठियां आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।वहीं, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत चना, मसूर सहित अन्य दलहनी फसलों के प्रत्यक्षण के लिए सभी प्रखंडों में क्लस्टर चयन करने का निर्देश दिया गया। किसानों तक 50 प्रतिशत और 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध बीजों का लाभ पहुंचाने के लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी को लैम्प्स के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया।
कृषि मेले में दिखेंगी आधुनिक तकनीकें
आत्मा सहायता अनुदान योजना के तहत आयोजित होने वाले प्रमंडल स्तरीय कृषि मेले के लिए उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप से संपर्क कर मेले में आधुनिक कृषि उपकरणों, नवीन तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन कराने पर जोर दिया।बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने कृषि प्रसार योजनाओं के विभिन्न घटकों की जानकारी प्रस्तुत की। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण, बीज वितरण, फसल प्रत्यक्षण और तकनीकी प्रदर्शन जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि किसानों की आय बढ़ाने और जिले में कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने में मदद मिल सके।








