पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा 11/10/2026
चाईबासा: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान गरीबों, बेरोजगार मजदूरों, किसानों और आदिवासी समुदाय के योग्य मतदाताओं को दस्तावेजों के नाम पर परेशान किए जाने तथा मतदाता सूची से उनके नाम हटाए जाने की आशंका के विरोध में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को चाईबासा में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।झारखंड बचाओ जनतंत्र बचाओ के केंद्रीय अध्यक्ष सह पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण चंद्र मार्डी के नेतृत्व में आयोजित यह धरना शहर के पिल्लई हॉल परिसर में हुआ। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया।धरना-प्रदर्शन में झारखंड के पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां सहित कई सामाजिक नेताओं और आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत स्वतंत्र रूप से अपनी पहचान और अस्मिता व्यक्त करने का अधिकार देता है। उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
आदिवासियों से बार-बार दस्तावेज मांगना अधिकारों पर सवाल : रेबा सामड
वक्ताओं ने कहा कि यदि किसी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आदिवासी समुदाय के लोगों से बार-बार दस्तावेज मांगे जाने पर सवाल उठाते हुए उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने में चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण : माधव चंद्र
माधव चंद्र ने कहा कि लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने में चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की आत्मा है और चुनावी प्रक्रिया में सभी योग्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।इस धरना-प्रदर्शन में कुंवर सिंह कुंटिया, जेम्स लागूरी, रवीन्द्र बोदरा, गणेश सोरेंग, श्यामल केराई, कृष्णा दोराई, रकीन डौंगरी, मनोज प्रधान, लक्ष्मी बोदरा, अमृत महाकुड़ सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।







